भीम कुंद के बारे में कुछ नई बाते
बड़ा मलेहरा गुफा (त्रिवेणी गुफा )
भीम कुंद भारत के मध्य प्रदेश में छतरपुर जिले में बिजावर से बजाना रोड पर करीब ४ ० किलो मीटर है भीम कुंद का मुख्य आकर्षण बहा की गुफा है जिसमे हमेशा पानी रहता है असल में यह एक पुराना ज्वालामुखी है जो आदि काल से बही पर है पर जब कुछ बकरी चराने बाले चरबहो ने इसका पता लगाया ऒर अपने जानबरो को पानी पिलाने के लिए इसका उपयोग किया
जब महाराज बिजावर को इसके बारे में पता चला तब उन्होंने अपनी शिकार गह के रूप में इसका उपयोग किया ( आज भी महाराज बिजावर की कोठी यहाँ बनी है )
छतर पुर जिले में कई एसी गुफाये है पर सभी उपेक्छित हैबड़ा मलेहरा गुफा (त्रिवेणी गुफा )
छतरपुर जिले की एक और गुफा है त्रिवेणी गुफा बदमलहरा से १ ५ किलो मीटर सागर रोड पर एक पहाड़ के ऊपर है त्रिवेणी गुफा इसमे बहुत जगह है लगभग भीम कुनद से भी ४ गुना बड़ी है त्रिवेणी गुफा शिव मंदिर से सुसज्जित कई गुफाओ की भूल भुलैया है त्रिवेणी गुफ्फा बगल में बाबा रामदास के रहते है जो हर जाने बाले की मदद करते है
गुफा के अन्दर इतना अँधेरा होता है की हाँथ को हाँथ नहीं दीखता है अब कुछ दिन से यहाँ पर बिजली की व्यबस्था हो गई है पर गाँव होने के कारन कभी भी बिजली जाने का खतरा रहता है इसलिए बाबा जी हमेशा जाने बालो को एक बैट्री से चलने बाली टार्च देते है जो गुफा में बहुत काम आती है
गुफ्फा के मुख्य द्बार पर लगभग ४ ० सीडिया है जिनसे नीचे जाकर हम एक हॉल में पहुचते है और उसके बाद सुरू होती है गुफा की ३ सुरंगे
१ यह गलियारा सीधा अँधेरे से होता हुआ गुफा के लास्ट में पहुचता है और बही है बाबाजी का तपस्या स्थल
बैसे तो यहाँ पानी का कोई साधन नहीं है पर गुफा में कुछ स्थानों इन पानी गिरता रहता है जिसको इकट्टा किया जाता है और बाद में पीने के कम आता है गुफा में बेट्स और सांप भी है पर इनसे कोई खतरा नहीं होता है त्रिवेणी गुफा जाने का सबसे सही समय नबम्बर से फरबरी के बीच है